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मेडिकल कॉलेज में प्रधानाचार्य का औचक निरीक्षण, लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार

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इमरजेंसी से डिजिटल एक्स-रे तक व्यवस्थाओं का लिया जायजा, मरीजों से सीधे पूछा-पैसे तो नहीं मांगे जाते

मोहम्मद नईम

कुशीनगर। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला संयुक्त चिकित्सालय, कुशीनगर में शुक्रवार को प्रधानाचार्य डॉ. केपी गौड़ ने सुबह करीब 12 बजे अस्पताल के विभिन्न विभागों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान साफ-सफाई में लापरवाही, इमरजेंसी में समय से स्ट्रेचर उपलब्ध न होने सहित अन्य अव्यवस्थाओं पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

प्रधानाचार्य ने इमरजेंसी वार्ड, डिजिटल एक्स-रे विभाग तथा जनरल वार्डों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों को मिल रही सुविधाओं और स्टाफ की कार्यप्रणाली का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।


डिजिटल एक्स-रे विभाग में पहुंचकर डॉ. गौड़ ने भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत की। उन्होंने मरीजों से पूछा कि जांच या उपचार के नाम पर किसी कर्मचारी द्वारा पैसे की मांग तो नहीं की जाती है। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी ली कि मरीजों को जांच और उपचार की सुविधा समय पर मिल रही है या नहीं। मरीजों और तीमारदारों ने अपनी समस्याओं और अनुभवों से प्रधानाचार्य को अवगत कराया। इसके बाद प्रधानाचार्य इमरजेंसी वार्ड पहुंचे और गंभीर मरीजों का स्वयं हालचाल जाना।

उन्होंने मरीजों की स्थिति की जानकारी लेने के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। उन्होंने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को स्पष्ट निर्देश दिया कि आपातकालीन मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान डॉ. गौड़ ने दवाओं की उपलब्धता, जांच सेवाओं, साफ-सफाई, स्ट्रेचर सहित आवश्यक संसाधनों और मरीजों के प्रति कर्मचारियों के व्यवहार पर विशेष ध्यान दिया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल में पारदर्शी और मरीज हितैषी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रधानाचार्य ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा मरीज या तीमारदार से अवैध धन की मांग किए जाने की शिकायत सामने आती है तो मामले की जांच कर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाचार्य के अचानक निरीक्षण से अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों में हलचल रही। वहीं, मरीजों और तीमारदारों ने नियमित निरीक्षण की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं में और सुधार आएगा। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर दिलीप कुमार सहित स्वास्थ्य कर्मी व सिक्योरिटी गार्ड मौजूद रहे।

 

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